तेरे घट में राम तू काहे भटके । टेक जैसे अग्नि बसत पथरी में चमकत नहिं...
तेरे भवन घुसल कोइ चोर पड़ोसिन जागु हो जागु । टेक आवै पड़ोसिन जाय पड़ोसिन जागत...
जातू रे दिन हीं दिन करि ले बौरी स्नेहा। टेक बालापन गयो जोबन जैसी जरा मरण...
जा घर कथा नहिं गुरु कीर्तन सन्त नहीं मिजमाना । ता घर जमरा डेरा दीन्हा साँझ...
जागो रे नर सोवहु कहा जम बटवारे रूँधै एहा । टेक जागि चेति कछु करौ उपाई...
जागो रे नर नींद नसाई चित चेतो चिंतामणि पाई। टेक सोवतसोवत बहुत दिन बीते जिन जागा...
जागो जागो हो ननदिया महलिया आये चोर । टेक पाँच चोर हैं बड़े दुखदायी सरबस धन...
जागु जागु जंजाली जियरा यह तो मेला हाट का । धोबी घर के कुत्ता होइहौ नहिं...
जाग पियारी अब का सोवै रैन गयी दिन काहे को खोवै। टेक जिन जागा तिन माणिक...
जा कुल भक्ति भाग बड़ होई। गनिये न बरण अबरन रंग धन विमल बंस है सोई।...
जहँवा से आयो अमर वह देसवा। टेक पानी न पौन धरती अकसवा चाँद न सूर न...
जब लग खोजत चला जावै तब लग नहिं हाथ मुद्दा आवै। १ जहाँ खोज थकै तहाँ...